जिले में तीन क्वालिटी इंस्पेक्टर की मुस्तैदी, फिर भी गोदामों में अमानक अनाज की सेंध
अनूपपुर। जिले में खाद्यान्नों की गुणवत्ता जांच के लिए नागरिक आपूर्ति विभाग में तीन क्वालिटी इंस्पेक्टर मौजूद है। जिनपर बाहर से आने वाले अनाजों की गुणवत्ता की जांच और अमानक पुष्टि की जिम्मेदारी होती है। जिले के चारों ब्लॉक में से कोतमा और अनूपपुर ब्लॉक के लिए कोतमा वेयरहाउस से खाद्यान्न की आवक होती, यहां से जैतहरी ब्लॉक की आपूर्ति पूरी कराई जाती है। जबकि पुष्पराजगढ़ से राजेन्द्रग्राम क्षेत्र के लिए खाद्यान्नों का सप्लाय किया जाता है। इसके लिए अनूपपुर, कोतमा, और राजेन्द्रग्राम ब्लॉक स्तर पर एक-एक क्वालिटी इंस्पेक्टर अधिकारी की तैनाती कराई गई है। इसके अलावा वेयरहाउस शाखा और क्वालिटी कंट्रोलर के रूप में सम्भागीय और क्षेत्रीय प्रबंधक स्तर पर जांच अधिकारी है। बावजूद शासकीय गोदामों में अमानक खाद्यान्नों की सेंध लग रही है। माना जाता है कि इस पूरे खेल विभागीय अधिकारी, क्वालिटी इंस्पेक्टर, वेयरहाउस प्रबंधक, गोदाम प्रबंधक और परिवहनकर्ताओं की मिली भगत में अमानक खाद्यान्न का खेल खेला जाता है। जबकि गरीब परिवारों को बेहतर गुणवत्ता के चावल और अन्य खाद्यान्नों को पहुंचाने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की है। मिलर से उपभोक्ता एक खाद्यान्न पहुंचे की चेन में इनका अमला अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा भंडार निगम की भी भूमिका रहती है। इसके बावजूद राशन दुकानों से सड़ा हुआ अनाज वितरित हो रहा है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि अमानक चावल या गेहूं के खपाने के इस खेल में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत वर्षो से चली आ रही है। जिसमें प्रत्येक मामले के उजागर के बाद विभागीय अधिकारियों ने एक दूसरे विभाग के पाले में गेंद डाल कर खुद का बचाव कर लिया। यहंा तक कि खराब अनाज के अपग्रेडेशन के नाम पर फिर से फ्यूमीगेशन कर मामला शांत होने पर उसे खपाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिसका परिणाम यह निकला कि आज जिले में १०-१५ करोड़ के खाद्यान्न गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जिसमें कुछ में जिम्मेदारियां तय हुई, और कुछ में विभागों ने चुप्पी साध ली। केस: १ जोगीटोला वेयरहाउस से बंट गए १८ हजार क्विंटल खराब चावल कोतमा के जोगीटोला निजी वेयरहाउस में सालभर पूर्व भंडारित १८ हजार क्विंटल चावल को कोरोना काल के दौरान विभागीय अधिकारियों ने खाद्यान्न वितरण के लिए आए सही चावल के साथ मिलाकर पूरे जिले में वितरण करवा दिया। जिसमें जेएसओ अनूपपुर ने इस सम्बंध में जिला खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारी को पत्राचार कर १८ हजार क्विंटल चावल के अमानक होने की जानकारी दी थी। लेकिन यहां अधिकारी ने कोई जवाब दिए मौखिक आदेश में उसके वितरण के निर्देश दे दिए। केस : २ सजहा वेयरहाउस से १७ हजार खराब गेहूं खपाने की थी तैयारी सजहा वेयरहाउस में वर्ष २०१९-२० के लिए भंडारित १७५५५ क्विंटल चावल में कीड़ा लग जाने पर विभागीय अधिकारियों ने गोदाम प्रबंधक के साथ मिलकर उसके खपाने की तैयारी की। जिसमें पुष्पराजगढ़ के आधा दर्जन शासकीय राशन की दुकान पर भेजे गए गेहूं की लॉट में अमानक गेहूं पाए जाने पर दुकानदारों ने वितरण से मनाही करते हुए इसकी सूचना अधिकारियों को दी। लेकिन अधिकारियों ने एक न सुनी। जिसपर पत्रिका ने १९ जून को २० हजार क्विंटल गेहूं में लगा कीड़ा, खराब गेहूं को खपाने की तैयारी के सम्बंध में खबर प्रकाशित की। खबर के संज्ञान में अधिकारियों की जांच में पूरा १६३०५ क्विंटल गेहूं खराब और अमानक पाया गया। केस ३ सजहा वेयरहाउस में भंडारित ८७३ क्विंटल सड़े चावल का नहीं कोई जिम्मेदार सजहा वेयरहाउस में ही वर्ष २०१६-१७ के दौरान भंडारित ८७३ क्विंटल सड़े चावल का कोई जिम्मेदार नहीं है। भंडारित चावल के बोरी पर न मिलर के टैग, वर्ष और ना ही किसी प्रकार की जानकारी लगी है। बावजूद वेयरहाउस उसे सजहा गोदाम में भंडारित कर गोदाम प्रबंधक को सड़े चावल का किराया भुगतान करा रहा है। इसे भी जांच में एसडीएम अनूपपुर ने खाने योग्य नहीं बताते हुए अमानक लिखा है। केस ४ सजहा से राजेन्द्रग्राम पहुंचा अमानक चावल और गेहूं का खेप सजहा वेयरहाउस से वर्ष २०२० जनवरी-फरवरी माह के दौरान नागरिक आपूर्ति विभाग ने ३७५४ क्विंटल अमानक चावल की खेप भेजा था, जिसे स्थानीय विधायक और नागरिकों ने विरोध जताते हुए एसडीएम से शिकायत की, वितरण पर रोक लगा। अपग्रेडेशन की बात बनी और बाद में फिर से खपा दिया गया। इसी दौरान सजहा वेयरहाउस से १५०० क्विंटल अमानक गेहूं की खेप राजेन्द्रग्राम वेयरहाउस पहुंची जहां पुन: जांच में इसे अमानक बताकर वापस सजहा लौटा दिया गया। लेकिन बाद में यह भी खपा दिए गए। केस ५ २३ हजार क्विंटल चावल की हो गई चोरी सजहा वेयरहाउस से ही वर्ष २०१६-१७ के दौरान २२५७३.१२ क्विंटल चावल खुर्दबुर्द किए जाने का मामला सामने आया। जिसमें भोपाल एमडी की टीम ने सजहा वेयरहाउस अनूपपुर में कूटरचित दस्तावेजों से चावल खुर्दबुद किए जाने की बात कहते हुए ६ करोड़ ४ लाख ८ हजार ८२६ रूपए वसूली केन्द्र प्रभारी रज्जू कोल, तथा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन शाखा प्रबंधक वायपी त्रिपाठी तथा सम्बंधित मिलर्स से करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रबंध संचालक ने केन्द्र प्रभारी रज्जू कोल तथा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के शाखा प्रबंधक वायपी त्रिपाठी और सम्बंधित मिलर्स के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा उन्हें सेवा से पृथक किए जाने के लिए नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने निर्देशित किया है।
अनूपपुर। जिले में खाद्यान्नों की गुणवत्ता जांच के लिए नागरिक आपूर्ति विभाग में तीन क्वालिटी इंस्पेक्टर मौजूद है। जिनपर बाहर से आने वाले अनाजों की गुणवत्ता की जांच और अमानक पुष्टि की जिम्मेदारी होती है। जिले के चारों ब्लॉक में से कोतमा और अनूपपुर ब्लॉक के लिए कोतमा वेयरहाउस से खाद्यान्न की आवक होती, यहां से जैतहरी ब्लॉक की आपूर्ति पूरी कराई जाती है। जबकि पुष्पराजगढ़ से राजेन्द्रग्राम क्षेत्र के लिए खाद्यान्नों का सप्लाय किया जाता है। इसके लिए अनूपपुर, कोतमा, और राजेन्द्रग्राम ब्लॉक स्तर पर एक-एक क्वालिटी इंस्पेक्टर अधिकारी की तैनाती कराई गई है। इसके अलावा वेयरहाउस शाखा और क्वालिटी कंट्रोलर के रूप में सम्भागीय और क्षेत्रीय प्रबंधक स्तर पर जांच अधिकारी है। बावजूद शासकीय गोदामों में अमानक खाद्यान्नों की सेंध लग रही है। माना जाता है कि इस पूरे खेल विभागीय अधिकारी, क्वालिटी इंस्पेक्टर, वेयरहाउस प्रबंधक, गोदाम प्रबंधक और परिवहनकर्ताओं की मिली भगत में अमानक खाद्यान्न का खेल खेला जाता है। जबकि गरीब परिवारों को बेहतर गुणवत्ता के चावल और अन्य खाद्यान्नों को पहुंचाने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की है। मिलर से उपभोक्ता एक खाद्यान्न पहुंचे की चेन में इनका अमला अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा भंडार निगम की भी भूमिका रहती है। इसके बावजूद राशन दुकानों से सड़ा हुआ अनाज वितरित हो रहा है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि अमानक चावल या गेहूं के खपाने के इस खेल में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत वर्षो से चली आ रही है। जिसमें प्रत्येक मामले के उजागर के बाद विभागीय अधिकारियों ने एक दूसरे विभाग के पाले में गेंद डाल कर खुद का बचाव कर लिया। यहंा तक कि खराब अनाज के अपग्रेडेशन के नाम पर फिर से फ्यूमीगेशन कर मामला शांत होने पर उसे खपाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिसका परिणाम यह निकला कि आज जिले में १०-१५ करोड़ के खाद्यान्न गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जिसमें कुछ में जिम्मेदारियां तय हुई, और कुछ में विभागों ने चुप्पी साध ली। केस: १ जोगीटोला वेयरहाउस से बंट गए १८ हजार क्विंटल खराब चावल कोतमा के जोगीटोला निजी वेयरहाउस में सालभर पूर्व भंडारित १८ हजार क्विंटल चावल को कोरोना काल के दौरान विभागीय अधिकारियों ने खाद्यान्न वितरण के लिए आए सही चावल के साथ मिलाकर पूरे जिले में वितरण करवा दिया। जिसमें जेएसओ अनूपपुर ने इस सम्बंध में जिला खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारी को पत्राचार कर १८ हजार क्विंटल चावल के अमानक होने की जानकारी दी थी। लेकिन यहां अधिकारी ने कोई जवाब दिए मौखिक आदेश में उसके वितरण के निर्देश दे दिए। केस : २ सजहा वेयरहाउस से १७ हजार खराब गेहूं खपाने की थी तैयारी सजहा वेयरहाउस में वर्ष २०१९-२० के लिए भंडारित १७५५५ क्विंटल चावल में कीड़ा लग जाने पर विभागीय अधिकारियों ने गोदाम प्रबंधक के साथ मिलकर उसके खपाने की तैयारी की। जिसमें पुष्पराजगढ़ के आधा दर्जन शासकीय राशन की दुकान पर भेजे गए गेहूं की लॉट में अमानक गेहूं पाए जाने पर दुकानदारों ने वितरण से मनाही करते हुए इसकी सूचना अधिकारियों को दी। लेकिन अधिकारियों ने एक न सुनी। जिसपर पत्रिका ने १९ जून को २० हजार क्विंटल गेहूं में लगा कीड़ा, खराब गेहूं को खपाने की तैयारी के सम्बंध में खबर प्रकाशित की। खबर के संज्ञान में अधिकारियों की जांच में पूरा १६३०५ क्विंटल गेहूं खराब और अमानक पाया गया। केस ३ सजहा वेयरहाउस में भंडारित ८७३ क्विंटल सड़े चावल का नहीं कोई जिम्मेदार सजहा वेयरहाउस में ही वर्ष २०१६-१७ के दौरान भंडारित ८७३ क्विंटल सड़े चावल का कोई जिम्मेदार नहीं है। भंडारित चावल के बोरी पर न मिलर के टैग, वर्ष और ना ही किसी प्रकार की जानकारी लगी है। बावजूद वेयरहाउस उसे सजहा गोदाम में भंडारित कर गोदाम प्रबंधक को सड़े चावल का किराया भुगतान करा रहा है। इसे भी जांच में एसडीएम अनूपपुर ने खाने योग्य नहीं बताते हुए अमानक लिखा है। केस ४ सजहा से राजेन्द्रग्राम पहुंचा अमानक चावल और गेहूं का खेप सजहा वेयरहाउस से वर्ष २०२० जनवरी-फरवरी माह के दौरान नागरिक आपूर्ति विभाग ने ३७५४ क्विंटल अमानक चावल की खेप भेजा था, जिसे स्थानीय विधायक और नागरिकों ने विरोध जताते हुए एसडीएम से शिकायत की, वितरण पर रोक लगा। अपग्रेडेशन की बात बनी और बाद में फिर से खपा दिया गया। इसी दौरान सजहा वेयरहाउस से १५०० क्विंटल अमानक गेहूं की खेप राजेन्द्रग्राम वेयरहाउस पहुंची जहां पुन: जांच में इसे अमानक बताकर वापस सजहा लौटा दिया गया। लेकिन बाद में यह भी खपा दिए गए। केस ५ २३ हजार क्विंटल चावल की हो गई चोरी सजहा वेयरहाउस से ही वर्ष २०१६-१७ के दौरान २२५७३.१२ क्विंटल चावल खुर्दबुर्द किए जाने का मामला सामने आया। जिसमें भोपाल एमडी की टीम ने सजहा वेयरहाउस अनूपपुर में कूटरचित दस्तावेजों से चावल खुर्दबुद किए जाने की बात कहते हुए ६ करोड़ ४ लाख ८ हजार ८२६ रूपए वसूली केन्द्र प्रभारी रज्जू कोल, तथा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन शाखा प्रबंधक वायपी त्रिपाठी तथा सम्बंधित मिलर्स से करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रबंध संचालक ने केन्द्र प्रभारी रज्जू कोल तथा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के शाखा प्रबंधक वायपी त्रिपाठी और सम्बंधित मिलर्स के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा उन्हें सेवा से पृथक किए जाने के लिए नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने निर्देशित किया है।
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