भगवान श्री 1008मुनिसुब्रत नाथ भगवान हस्टेदा जयपुर राज्य राजस्थान इसके बारे में
जीर्णोध्दार की जरूरत तब होती है जब इसके आसपास का समाज, समय के बदलाव के कारण समाप्त हो चुका हो या धन अपर्याप्त हो. ये दो ही कारण है. हमने जीर्णोद्धार करते वक़्त ईन दोनों मूलभूत कारणों का निवारण करने की पहल हुई है.
मुनिसुव्रत नाथ अतिशय क्षेत्र, Hasteda, का अतिशय ही है कि जिस प्रकार से 875 साल प्राचीन मुनि सुव्रत नाथ की प्रतिमा और इस मंदिर की खोज हुई और जिस प्रकार से इसका जीर्णोध्दार संपन्न हुआ या धन राशि एकत्रित हुई वो अपने आप मे एक प्रेरणा और मिसाल है. हैरतअंगज अतिशय यह है कि इसमंदिर का जीर्णोध्दार अब " जीर्णोध्दार by 3 idiots" के नाम से प्रसिद्ध हो गया है , ये "3 idiots, एक दूसरे को 2018 तक जानते तक नहीं थे, ना इनका धर्म के प्रति कोई भी तरह की रुचि थी. जीर्णोद्धार की राशि भी सोशल मीडिया के माध्यम से जीर्णोद्धार प्रगति की साप्ताहिक अपडेट करके इकट्ठी हुई. इस राशि से मंदिर के निरंतर देख भाल के लिए, सबसे पहले, 30 लाख की FD की गईं है. इस मंदिर की स्थिति क्या थी वो आप Facebook के फोटो albums मे और विस्तार में देख सकते हैं.
इस गाँव मे वस्तुतः कोई समाज नहीं है. हमारा यह मानना है कि, किसी भी मंदिर के जीर्णोद्धार करवाने समय यह सोच अवश्य रखनी चाहिए कि ऐसा क्या किया जाए कि इस मंदिर को फिर कभी जीर्णोध्दार की जरूरत ना पड़े. बिना समाज के मंदिर कुछ समय बाद उसी स्थिति मे आ जाएगा अतः अब मंदिर प्रबंधन द्वारा दो तरीके समाज विस्तार किया जा रहा है. एक रिहायशी तरीका और दूसरा online.
रिहायशी समाज विस्तार योजना के अंतर्गत मंदिर प्रबंधन के पास अब 10 दुकाने है और 4 घर है जो सधर्मी बंधु को दिए जाएंगे. यात्री सुख सुविधा के लिए 7 कमरों का air-conditioned जैन भवन का भी निर्माण कराया है.
समाज विस्तार योजना के अंतर्गत, हमने अभी 7 व्यक्ति का एक परिवार बसा भी दिया है और हमारे पास अभी 22 application आयी हुई है. जिस पर निर्णय वर्तमान प्रयोग के सफल होने के बाद लिया जाएगा.
हमारा धार्मिक कार्यो, अनुष्ठानों, विधि रीति, के बारे मे अनुभवहीन होना ही हमारी, सबसे बड़ी ताकत है.
इस मंदिर और जीर्णोद्धार के बारे मे कई ऐसे पहलू है जो चौकाने वाले है. इसकी बारीक जानकारी You tube पर उपलब्ध मीडिया interview मे सुना और देखा जा सकता है
Online समाज विस्तार, एक अनोखी योजना है, अब इस मंदिर को हमने आधुनिक तकनीक से जोड़ दिया है और इसको online promote किया जा रहा है. पहली बार जैन समाज के इतिहास मे online समाज गठन किया जाएगा और यह दोनों योजना अन्य जीर्णोद्धार के लिए प्रेरणा दायक और अनुकरणीय साबित होगी.
इस मंदिर के नित्य दर्शन अब आप facebook और youtube पर सुबह 7 से 10 बजे कर सकते है. हम जल्द ही online समाज के किसी भी सदस्य के नाम की निशुल्क, शांति धारा की योजना भी शुरू करने जा रहे हैं.
इस अतिशय क्षेत्र मे किसी भी प्रकार की कोई भी दान राशि का आग्रह, किसी भी विधि या क्रिया के लिए, पूर्ण रूप से वर्जित है.।
जीर्णोध्दार की जरूरत तब होती है जब इसके आसपास का समाज, समय के बदलाव के कारण समाप्त हो चुका हो या धन अपर्याप्त हो. ये दो ही कारण है. हमने जीर्णोद्धार करते वक़्त ईन दोनों मूलभूत कारणों का निवारण करने की पहल हुई है.
मुनिसुव्रत नाथ अतिशय क्षेत्र, Hasteda, का अतिशय ही है कि जिस प्रकार से 875 साल प्राचीन मुनि सुव्रत नाथ की प्रतिमा और इस मंदिर की खोज हुई और जिस प्रकार से इसका जीर्णोध्दार संपन्न हुआ या धन राशि एकत्रित हुई वो अपने आप मे एक प्रेरणा और मिसाल है. हैरतअंगज अतिशय यह है कि इसमंदिर का जीर्णोध्दार अब " जीर्णोध्दार by 3 idiots" के नाम से प्रसिद्ध हो गया है , ये "3 idiots, एक दूसरे को 2018 तक जानते तक नहीं थे, ना इनका धर्म के प्रति कोई भी तरह की रुचि थी. जीर्णोद्धार की राशि भी सोशल मीडिया के माध्यम से जीर्णोद्धार प्रगति की साप्ताहिक अपडेट करके इकट्ठी हुई. इस राशि से मंदिर के निरंतर देख भाल के लिए, सबसे पहले, 30 लाख की FD की गईं है. इस मंदिर की स्थिति क्या थी वो आप Facebook के फोटो albums मे और विस्तार में देख सकते हैं.
इस गाँव मे वस्तुतः कोई समाज नहीं है. हमारा यह मानना है कि, किसी भी मंदिर के जीर्णोद्धार करवाने समय यह सोच अवश्य रखनी चाहिए कि ऐसा क्या किया जाए कि इस मंदिर को फिर कभी जीर्णोध्दार की जरूरत ना पड़े. बिना समाज के मंदिर कुछ समय बाद उसी स्थिति मे आ जाएगा अतः अब मंदिर प्रबंधन द्वारा दो तरीके समाज विस्तार किया जा रहा है. एक रिहायशी तरीका और दूसरा online.
रिहायशी समाज विस्तार योजना के अंतर्गत मंदिर प्रबंधन के पास अब 10 दुकाने है और 4 घर है जो सधर्मी बंधु को दिए जाएंगे. यात्री सुख सुविधा के लिए 7 कमरों का air-conditioned जैन भवन का भी निर्माण कराया है.
समाज विस्तार योजना के अंतर्गत, हमने अभी 7 व्यक्ति का एक परिवार बसा भी दिया है और हमारे पास अभी 22 application आयी हुई है. जिस पर निर्णय वर्तमान प्रयोग के सफल होने के बाद लिया जाएगा.
हमारा धार्मिक कार्यो, अनुष्ठानों, विधि रीति, के बारे मे अनुभवहीन होना ही हमारी, सबसे बड़ी ताकत है.
इस मंदिर और जीर्णोद्धार के बारे मे कई ऐसे पहलू है जो चौकाने वाले है. इसकी बारीक जानकारी You tube पर उपलब्ध मीडिया interview मे सुना और देखा जा सकता है
Online समाज विस्तार, एक अनोखी योजना है, अब इस मंदिर को हमने आधुनिक तकनीक से जोड़ दिया है और इसको online promote किया जा रहा है. पहली बार जैन समाज के इतिहास मे online समाज गठन किया जाएगा और यह दोनों योजना अन्य जीर्णोद्धार के लिए प्रेरणा दायक और अनुकरणीय साबित होगी.
इस मंदिर के नित्य दर्शन अब आप facebook और youtube पर सुबह 7 से 10 बजे कर सकते है. हम जल्द ही online समाज के किसी भी सदस्य के नाम की निशुल्क, शांति धारा की योजना भी शुरू करने जा रहे हैं.
इस अतिशय क्षेत्र मे किसी भी प्रकार की कोई भी दान राशि का आग्रह, किसी भी विधि या क्रिया के लिए, पूर्ण रूप से वर्जित है.।
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