टी.आई. बोले-डंडे मारने वाले आपके हाथ जोड़ रहे हैं, गंभीरता समझिए। इंद्रेश त्रिपाठी थाना प्रभारी एमआइजी, इंदौर
रेड झोन में पुलिस की समझाइश
कालोनियों में जाकर सुबह और शाम लोगों को बता रहे हैं कोरोना की विभीषिका।।
इन्दौर। कोरोना संकट के इस दौर में अब पुलिस भी अब हाथ जोड़कर लोगों से आग्रह करने लगी है कि आप लोग घर में रहिए। इसको लेकर पुलिस ने सुबह‑शाम उन क्षेत्रों में जाकर अभियान शुरू किया है, जहां कोरोना के ज्यादा पेशेन्ट निकल रहे हैं। वे कालोनियों में जाकर लोगों को कोरोना की विभीषिका समझा रहे हैं।
ऐसा ही काम एमआईजी थाना प्रभारी इन्द्रेश त्रिपाठी कर रहे हैं। चूंकि अभी एमआईजी थाना क्षेत्र के कुछ क्षेत्रों को रेड झोन कर सील कर दिया है। कई लोग यहां बेफालतू घूमते भी नजर आते हैं तो उनसे पुलिसकर्मी हाथ जोड़कर घर के अंदर जाने का कहते हैं। इसके साथ ही टीआई खुद इन क्षेत्रों में जाकर 15–15 मिनट तक लोगों से बात करते हैं। रेड झोन में वे जाकर लोगों को समझाते हैं और कहते हैं कि आप लोग समय की गंभीरता समझिए, जो पुलिस डंडे के बल पर आपको घर के अंदर रख सकती है या भीड़ को छांट सकती है तो वो पुलिस आपके हाथ जोड़कर आपको घर के अंदर रहने का कह रही है। वे उन क्षेत्रों का नाम लेकर लोगों को बताते हैं कि उनके क्षेत्र में किस तरह से कोरोना ने पैर पसारे, क्योंकि किसी ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया और न ही अपने घर में रहे। जिन इलाकों के लोग अपने घरों में रह रहे थे वहां देखिए कोई मरीज नहीं मिला है। उन्होंने अंग्रेजों के शासन काल का उदाहरण देते हुए कहा कि लार्ड लेटिन के बाद लार्ड रिपन को भारत भेजा गया था और कहा था कि हिन्दुस्तानियों में वे यह संदेश दें कि हम उनके हितैषी है और उसी लाइन पर काम करें। आज पुलिस भी वह काम कर रही है और लोगों को उनका हित‑अहित समझा रही है, जबकि हमारे अधिकारी कोरोना से लड़ते-लड़ते शहीद तक हो चुके हैं। त्रिपाठी क्षेत्र के लोगों को संकल्प दिलाते हैं कि वे अपने घर के बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखेंगे और लाकडाउन खुलने के बाद ही बाहर निकलेंगे।
रेड झोन में पुलिस की समझाइश
कालोनियों में जाकर सुबह और शाम लोगों को बता रहे हैं कोरोना की विभीषिका।।
इन्दौर। कोरोना संकट के इस दौर में अब पुलिस भी अब हाथ जोड़कर लोगों से आग्रह करने लगी है कि आप लोग घर में रहिए। इसको लेकर पुलिस ने सुबह‑शाम उन क्षेत्रों में जाकर अभियान शुरू किया है, जहां कोरोना के ज्यादा पेशेन्ट निकल रहे हैं। वे कालोनियों में जाकर लोगों को कोरोना की विभीषिका समझा रहे हैं।
ऐसा ही काम एमआईजी थाना प्रभारी इन्द्रेश त्रिपाठी कर रहे हैं। चूंकि अभी एमआईजी थाना क्षेत्र के कुछ क्षेत्रों को रेड झोन कर सील कर दिया है। कई लोग यहां बेफालतू घूमते भी नजर आते हैं तो उनसे पुलिसकर्मी हाथ जोड़कर घर के अंदर जाने का कहते हैं। इसके साथ ही टीआई खुद इन क्षेत्रों में जाकर 15–15 मिनट तक लोगों से बात करते हैं। रेड झोन में वे जाकर लोगों को समझाते हैं और कहते हैं कि आप लोग समय की गंभीरता समझिए, जो पुलिस डंडे के बल पर आपको घर के अंदर रख सकती है या भीड़ को छांट सकती है तो वो पुलिस आपके हाथ जोड़कर आपको घर के अंदर रहने का कह रही है। वे उन क्षेत्रों का नाम लेकर लोगों को बताते हैं कि उनके क्षेत्र में किस तरह से कोरोना ने पैर पसारे, क्योंकि किसी ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया और न ही अपने घर में रहे। जिन इलाकों के लोग अपने घरों में रह रहे थे वहां देखिए कोई मरीज नहीं मिला है। उन्होंने अंग्रेजों के शासन काल का उदाहरण देते हुए कहा कि लार्ड लेटिन के बाद लार्ड रिपन को भारत भेजा गया था और कहा था कि हिन्दुस्तानियों में वे यह संदेश दें कि हम उनके हितैषी है और उसी लाइन पर काम करें। आज पुलिस भी वह काम कर रही है और लोगों को उनका हित‑अहित समझा रही है, जबकि हमारे अधिकारी कोरोना से लड़ते-लड़ते शहीद तक हो चुके हैं। त्रिपाठी क्षेत्र के लोगों को संकल्प दिलाते हैं कि वे अपने घर के बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखेंगे और लाकडाउन खुलने के बाद ही बाहर निकलेंगे।
Tags
Hindi News
